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Monday, 22 July 2024

72 फिरकों के नाम।

 *सोशियल मिडिया में पहली बार इस्लाम के नामपर 72 फिरको (जूठ) के नाम ।*

     _इसमें से आप कोनसे फिरके से जुड़े हे❓ ध्यान से पढ़े और हमारे Whatsapp नंबर पर कॉमेंट करे।_
      🫵 +919898335767

1. हनफी
2. शाफई
3. मलिकी
4. हम्बली
5. सूफी
6. वहाबी
7. देवबंदी
8. बरेलवी
9. सलफी
10. अहले हदीस
11. इशना अशरी (Twelver Shia)
12. जाफरी (Ja’fari)
13. जैदी (Zaidi)
14. इस्माइली (Ismaili)
15. दाऊदी बोहरा (Dawoodi Bohra)
16. बोहरा जाफरी (Bohra Jafari)
17. खोजा (Khoja)
18. द्रुज (Druze)
19. अशअरियाह (Ash’ari)
20. अहमदियाह (Ahmadiyya)
21. आजमी कैफी (Azmi Kaifi)
22. बोहरा सुलेमानी (Bohra Suleimani)
23. ईसाकियाह (Isa’kiyah)
24. रजाखानी (Razakhani)
25. नुक्तावियाह (Nuqtaviya)
26. रजाखानी (बरेलवी) (Razakhani Barelvi)
27. सिफातिहाय (Sifatihay)
28. हम्बलियाय (Hanbaliya)
29. खारिजी (Khariji)
30. बाबी वादी (Babi Vadi)
31. जबरीयाह साधारण (Jabriyah Saadaran)
32. महमूदीयाह (Mahmudiya)
33. फाजिली (Fazili)
34. शाफीयाहू (Shafiyahu)
35. मुशाबियाह (Mushabiyah)
36. करमियाह (Karamiyah)
37. कलामी (Kalami)
38. कर्रामी (Karrami)
39. कादियानी (Qadiyani)
40. खुर्रमियाह (Khurramiyah)
41. मुकन्नइ (Mukanai)
42. मजालिमियाह (Majalimiyah)
43. फातिमियाह (Fatimiyah)
44. इस्मायिली (Ismaili)
45. बक्ताशियाह (Baktashiyah)
46. हुरुफी (Hurufi)
47. नक्शबंदी (Naqshbandi)
48. नक्शबंदी मुजद्दिदी (Naqshbandi Mujaddidi)
49. शात्तारी (Shattari)
50. ओवैसी (Owaisi)
51. मुजाद्दीदी (Mujaddidi)
52. कादिरी (Qadiri)
53. सुहरवर्दी (Suhrawardi)
54. चिश्ती (Chishti)
55. मलीमतियाह (Malamatiah)
56. शाइख़ी (Shaikhi)
57. बाबियाह (Babi)
58. बहाई (Bahai)
59. नुजुमियाह (Nujumiyah)
60. रूशनीयाह (Rushaniyah)
61. तैमियाह (Taimiyah)
62. अफ़गानी (Afghani)
63. इख्वान (Ikhwan)
64. तहलीलियाह (Tahleeliyah)
65. वह्दानीयाह (Wahdaniyah)
66. मुवाहिद (Muwahhid)
67. कादियानी (Qadiyani)
68. अलीलही (Alilahi)
69. नूरबख्शी (Nurbakhshi)
70. इस्हाकियाह (Ishaqiyah)
71. खलीलियाह (Khaliliyah)
72. माशायिक़ (Mashayiq)
   👉 *(मुस्लिम) Muslim*

यह सूची विभिन्न स्रोतों से संकलित की गई है और संभवतः सभी फिरकों को शामिल नहीं करती है। कुछ नाम अलग-अलग शुरतो में अलग-अलग भी हो सकते हैं ।

*इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेर करे ।*

Friday, 5 July 2024

વિશ્લેષણ એક સબ્જેક્ટ

*એજ્યુકેશન એક મજબૂત પાયો છે.*

કોઈપણ સમાજને સારા ભવિષ્ય માટે *"પ્રોફેશનલ એજ્યુકેશન"* અને *"સોશિયલ એજ્યુકેશન"* બંને ખૂબ જ અગત્યના છે. જો કે સમક્ષ અને મજબૂત સમાજ બનાવવા માટે, *સમાજને સોશિયલ એજ્યુકેશન તરફ વિશેષ ધ્યાન આપવું જરૂરી હોય  છે.*

સોશિયલ એજ્યુકેશનથી સમાજના તમામ લોકોને *નૈતિક મૂલ્યો, નાગરિક કર્તવ્ય, સંસ્કૃતિ અને ઇતિહાસ સાથે સામાજિક જાગૃતિના મહત્ત્વ વિશે જાણકારી મળે છે* આ જ્ઞાનને જીવનમાં ઉતારી, દરેક વ્યક્તિ સમાજ માટે સહકાર, સહિષ્ણુતા અને ભાઈચારા જેવી ભાવનાઓ વિકસાવે છે. 

*સમાજમાં વિવાદોને દૂર કરવા માટે, સંગઠિત જીવન શૈલી અપનાવીને પરસ્પર સહકાર અને સમજણ વધારવી મહત્વની છે.* આ માટે, સ્કૂલો અને કોલેજોમાં તેમજ સમાજના વિવિધ સંગ્રહો અને સંગઠનોમાં સોશિયલ એજ્યુકેશનના કાર્યક્રમો આયોજિત કરવા માટે સમાજના બુદ્ધિજીવી વર્ગની પ્રાથમિક જવાબદારી છે.

*સોશિયલ એજ્યુકેશનથી લોકોમાં સમાનતા, ન્યાય, અને શાંતિની ભાવના વૃદ્ધિ પામે છે.* આ બધા મુદ્દાઓ પર ધ્યાન આપીને, આપણે એક મજબૂત અને સમૃદ્ધ સમાજની રચના કરી શકીએ છીએ, *જેનો લાભ ભવિષ્યની પેઢીઓ ઉઠાવી શકે છે.*

આ સંદેશ સાથે, આશા છે કે આપણે બધા *સામાજિક શિક્ષણની જરુરિયાતને સમજીને, તેની અવશ્યકતા વિશેની સમજણને આગળ વધારવા પ્રયત્ન કરીશું.*

*સામાજિક શિક્ષણથી દુર કોઈપણ વ્યક્તિ પોતાના પ્રોફેશનલ શિક્ષણથી સમાજના વિશેષ જવાબદારી અને પોતાના કર્તવ્યોથી દુર રહે છે.* તેઓ પોતાના પ્રોફેશનમાં વ્યસ્ત રહી સામાજિક જવાબદારીથી દુર રહે છે, આંતરિક વિકાસ માટે સામાજિક શિક્ષણ મહત્વપૂર્ણ છે. જે સમાજમાં સામાજિક શિક્ષણનો અભાવ હોય છે, તે સમાજના સભ્યો પોતાના અંગત પ્રોફેશનલ કારકિર્દીમાં જેટલા સફળ થાય છે, *તેટલાજ સામાજિક જવાબદારી અને કર્તવ્યોના ક્ષેત્રમાં નબળા રહી જાય છે.*

સામાજિક શિક્ષણ દરેક વ્યક્તિને તેના સમુદાય અને સમાજ પ્રત્યેના ફરજ અને *જવાબદારીનું મહત્વ સમજાવશે.* તેઓને આ બાબત માટે જાગૃત બનાવશે કે માત્ર પોતાનું કે પરિવારનું કલ્યાણ પૂરતું નથી, પરંતુ સમાજના સર્વાંગી વિકાસ માટે સહયોગ અને સંઘર્ષ માટે *માર્ગદર્શન અને પ્રોત્સાહન આપવા જેવા મહત્વના કાર્યો કરી શકે છે.*

તેથી, સમાજમાં સામાજિક શિક્ષણનું પ્રચાર-પ્રસાર અત્યંત જરૂરી છે. પ્રોફેશનલ શિક્ષણના સાથે-સાથે સામાજિક શિક્ષણને મહત્વ આપવું જોઈએ જેથી વ્યક્તિને સંપૂર્ણ રીતે સામાજિક વિશ્વાસ પામી શકે અને સમાજને સાચી પ્રગતિની દિશામાં લઈ જઈ શકે.


   *સામાજીક શિક્ષણ જ્યારે નબરું થાય છે,* તેવા સમાજમાં વિકાસ જાહેર જીવનમાં ખૂબ દેખાય શકે પણ વિશ્વાસ સમાજના આમ જન જીવનમાં ઘટાડો થઈ શકે છે, જેનાથી સમાજમાં નવા વિવાદો ઘણી તેજી સાથે વધે છે અને જુના વિવાદો વિકૃત માનસિકતા અને પરિસ્થતિ નિર્માણ કરી શકે છે.

         *"વિશ્લેષણ"*
તમો ક્યાં એજ્યુકેશન ને મહત્વ આપશો ❓

*A*. _સોશિયલ એજ્યુકેશન._
*B*. _પ્રોફેશનલ એજ્યુકેશન._

આપનો જવાબ નીચે આપેલ નંબર ઉપર વોટસએપ નંબર ઉપર *A અથવા B લખીને જાણવો.*

   🤜 *સુરક્ષિત સક્ષમ અને સંગઠિત સમાજના નિર્માણ માટે દરેકનું યોગદાન અનિવાર્ય છે.*🤛

Tuesday, 4 June 2024

मनुस्मृति की छोटी सी जानकारी और कुछ कानून...

 मनुस्मृति की छोटी सी जानकारी और कुछ कानून ....


*1. मनुस्मृति (100)* के अनुसार पृथ्वी पर जो कुछ भी है, वह ब्राह्मणों का है।

*2. मनुस्मृति (101)* के अनुसार दूसरे लोग ब्राह्मणों की दया के कारण सब पदार्थों का भोग करते हैं।

*3. मनुस्मृति (11-11-127)* के अनुसार मनु ने ब्राह्मणों को संपत्ति प्राप्त करने के लिए विशेष अधिकार दिया है। वह तीनों वर्णों से बलपूर्वक धन छीन सकता है अर्थात् डकैती कर सकता है।

*4. मनुस्मृति (4/165-4/166)* के अनुसार जान-बूझकर क्रोध से जो ब्राह्मण को तिनके से भी मारता है, वह 21 जन्मों तक बिल्ली की योनी में पैदा होता है।

*5. मनुस्मृति (5/35)* के अनुसार जो मांस नहीं खाएगा, वह 21 बार पशु योनि में पैदा होगा।

*6. मनुस्मृति (64 श्लोक)* के अनुसार 'अछूत' जातियों के छूने पर स्नान करना चाहिए।

*7. मनुस्मृति धर्म सूत्र (2-3-4)* के अनुसार यदि शूद्र किसी वेद को पढ़ते सुन लें तो उनके कान में पिघला हुआ सीसा या लाख डाल देनी चाहिए।

*8. मनुस्मृति (8/21-22)* के अनुसार ब्राह्मण चाहे अयोग्य हो, उसे न्यायाधीश बनाया जाए वर्ना राज्य मुसीबत में फंस जाएगा। इसका अर्थ है कि भूतपूर्व में भारत के उच्चत्तम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री अलतमस कबीर साहब को तो रखना ही नहीं चाहिये था।

*9. मनुस्मृति (8/267)* के अनुसार यदि कोई ब्राह्मण को दुर्वचन कहेगा तो वह मृत्युदंड का अधिकारी है।

*10. मनुस्मृति (8/270)* के अनुसार यदि कोई ब्राह्मण पर आक्षेप करे तो उसकी जीभ काटकर दंड दें।

*11. मनुस्मृति (5/157)* के अनुसार विधवा का विवाह करना घोर पाप है। विष्णुस्मृति में स्त्री को सती होने के लिए उकसाया गया है।

*12. मनुस्मृति में* दहेज देने के लिए प्रेरित किया गया है।

*13. देवल स्मृति में* तो किसी को भी बाहर देश जाने की मनाही है।

*14. मनुस्मृति में* बौद्ध भिक्षु व मुंड़े हुए सिर वालों को देखने की मनाही है।

*15. मनुस्मृति (3/24/27)* के अनुसार वही नारी उत्तम है, जो पुत्र को जन्म दे।

*16. मनुस्मृति (35/5/2/47)* के अनुसार पत्नी एक से अधिक पति ग्रहण नहीं कर सकती, लेकिन पति चाहे कितनी भी पत्नियां रखे।

*17. (1/10/51/52), बोधयान धर्मसूत्र (2/4/6), शतपथ ब्राह्मण (5/2/3/14)* के अनुसार जो स्त्री अपुत्रा है, उसे त्याग देना चाहिए।

*18. मनुस्मृति (6/6/4/3)* के अनुसार पत्नी आजादी की हकदार नहीं है।

*19. मनुस्मृति (शतपथ ब्राह्मण) (9/6)* के अनुसार केवल सुंदर पत्नी ही अपने पति का प्रेम पाने की अधिकारी है।

*20. बृहदारण्यक उपनिषद् (6/4/7)* के अनुसार अगर पत्नी संबंध करने के लिए तैयार न हो तो उसे खुश करने का प्रयास करो। यदि फिर भी न माने तो उसे पीट-पीटकर वश में करो।

*21. मैत्रायणी संहिता (3/8/3)* के अनुसार नारी अशुभ है। यज्ञ के समय नारी, कुत्ते व शूद्र को नहीं देखना चाहिए अर्थात नारी व शूद्र कुत्ते के समान हैं।

*22. मनुस्मृति (1/10/11)* के अनुसार नारी तो एक पात्र (बर्तन) के समान है।

*नोट - यह जानकारी हिन्दू (ब्राह्मण) धर्मग्रंथों से लिया गया है जिसे कोई संदेह हो वह हिन्दू (व्यवस्थावादी धर्म) को पढ़ सकते है*।  

         जिसे समझना है, वो मनुस्मृति खरीदें....

Sunday, 2 June 2024

समाज सुधार और सामाजिक बदलाव ।

 *समाज सुधार और सामाजिक बदलाव दोनों ही समाज को बेहतर बनाने के प्रयास हैं, लेकिन वे विभिन्न तरीकों और दृष्टिकोणों से काम करते हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं:*
       
      ✒️ Huzaifa Dedicated 
   Bharuch - Gujarat 



 समाज सुधार (Social Reform):
- **क्या है:** यह समाज में पहले से मौजूद समस्याओं को सुधारने या खत्म करने का प्रयास है।
- **कैसे:** छोटे-छोटे कदमों के जरिए, जैसे कि कानून बदलना, लोगों को जागरूक करना, और शिक्षा के माध्यम से।
- **उदाहरण:** 
  - बाल विवाह का विरोध करना और इसे खत्म करना।
  - विधवाओं को पुनर्विवाह का अधिकार दिलाना।
  - जाति-प्रथा के खिलाफ काम करना।
- **लक्ष्य:** समाज को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाना।

### सामाजिक बदलाव (Social Change):
- **क्या है:** यह समाज की मौलिक संरचनाओं और प्रणालियों में बड़े बदलाव लाने का प्रयास है।
- **कैसे:** व्यापक और गहरे स्तर पर बदलाव, जो समय के साथ समाज की सोच, संस्कृति, और जीवन शैली को बदलते हैं।
- **उदाहरण:** 
  - औद्योगिक क्रांति जिसने काम करने के तरीके और समाज की आर्थिक संरचना को बदल दिया।
  - महिला अधिकार आंदोलन जिसने महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका को पुनर्परिभाषित किया।
  - डिजिटल क्रांति जिसने सूचना और संचार के तरीके को बदल दिया।
- **लक्ष्य:** समाज को एक नई दिशा और रूप देना।

### मुख्य अंतर:
1. **दायरा और गहराई:**
   - **समाज सुधार:** विशेष समस्याओं पर केंद्रित होता है और उनका समाधान खोजने की कोशिश करता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** पूरे समाज की संरचना और मूलभूत तरीकों को बदलने पर केंद्रित होता है।

2. **प्रक्रिया और दृष्टिकोण:**
   - **समाज सुधार:** धीरे-धीरे और क्रमिक बदलाव करता है, जो मौजूदा व्यवस्था के भीतर सुधार करने की कोशिश करता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** तेजी से और गहरे स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश करता है, जिससे समाज की पूरी संरचना बदल सकती है।

3. **समय सीमा:**
   - **समाज सुधार:** आमतौर पर अल्पकालिक और तत्काल समस्याओं को हल करने पर ध्यान देता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** लंबी अवधि के लिए होता है और भविष्य की दिशा में बड़े बदलाव लाने का प्रयास करता है।

### सरल शब्दों में निष्कर्ष:
- **समाज सुधार:** जैसे आप घर के किसी कमरे की मरम्मत करते हैं।
- **सामाजिक बदलाव:** जैसे आप घर को पूरी तरह से नया डिजाइन देते हैं।

दोनों ही आवश्यक हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण और प्रभाव का स्तर अलग-अलग होता है। समाज सुधार सामाजिक बदलाव की दिशा में पहला कदम हो सकता है, क्योंकि यह समाज में सुधारों की आवश्यकता को पहचानता है और उसे लागू करता है।

Wednesday, 29 May 2024

2019 લોકસભા ચૂંટણી ગૂજરાત

 


આ છે 2019 ની લોકસભા ચૂંટણીમાં ગુજરાતની 26 બેઠકો પર જીતેલા ઉમેદવારોની યાદી:

1. **કચ્છ**: વિનોદ લાખમશી ચાવડા (BJP) - 3,05,513 મતના અંતરથી
2. **બનાસકાંઠા**: પરબતભાઈ પટેલ (BJP) - 3,68,296 મતના અંતરથી
3. **પાટણ**: ભારતીસિંહજી દાભી (BJP) - 1,93,879 મતના અંતરથી
4. **મહેસાણા**: શારદાબેન પટેલ (BJP) - 2,81,519 મતના અંતરથી
5. **સાબરકાંઠા**: દીપસિંહ રાઠોડ (BJP) - 2,68,987 મતના અંતરથી
6. **ગાંધીનગર**: અમિત શાહ (BJP) - 5,57,014 મતના અંતરથી
7. **અમદાવાદ પૂર્વ**: હસ્મુખભાઈ પટેલ (BJP) - 4,34,330 મતના અંતરથી
8. **અમદાવાદ પશ્ચિમ**: ડો. કિરીટ સોલંકી (BJP) - 3,21,546 મતના અંતરથી
9. **સુરેન્દ્રનગર**: ડો. મહેન્દ્રભાઈ મુંજાપરા (BJP) - 2,77,437 મતના અંતરથી
10. **રાજકોટ**: મોહનભાઈ કુંદારીયા (BJP) - 3,68,407 મતના અંતરથી
11. **પોરબંદર**: રમેશભાઈ ધડુક (BJP) - 2,29,823 મતના અંતરથી
12. **જામનગર**: પુનમબેન માડમ (BJP) - 2,36,804 મતના અંતરથી
13. **જૂનાગઢ**: રાજેશભાઈ ચુદાસમા (BJP) - 1,50,185 મતના અંતરથી
14. **અમરેલી**: નારણભાઈ કચ્છડીયા (BJP) - 2,01,431 મતના અંતરથી
15. **ભાવનગર**: ડો. ભારતિબેન શિયાલ (BJP) - 3,29,519 મતના અંતરથી
16. **આણંદ**: મીતેશ પટેલ (BJP) - 1,97,718 મતના અંતરથી
17. **ખેડા**: દેવુસિંહ ચૌહાણ (BJP) - 3,67,145 મતના અંતરથી
18. **પંચમહાલ**: રત્નસિંહ રાઠોડ (BJP) - 4,28,541 મતના અંતરથી
19. **દાહોદ**: જશવંતસિંહ ભાભોર (BJP) - 1,27,596 મતના અંતરથી
20. **વડોદરા**: રંજનબેન ભટ્ટ (BJP) - 5,89,177 મતના અંતરથી
21. **છોટા ઉદેપુર**: ગીતા રાઠવા (BJP) - 3,77,943 મતના અંતરથી
22. **ભરૂચ**: મансુખભાઈ વસાવા (BJP) - 3,34,214 મતના અંતરથી
23. **બારડોલી**: પરભુભાઈ વસાવા (BJP) - 2,15,447 મતના અંતરથી
24. **સુરત**: દર્શના જાર્દોશ (BJP) - 5,48,230 મતના અંતરથી જીત્યા હતા ....
25. **નવસારી**: સી.આર. પાટીલ (BJP) - 6,89,668 મતના અંતરથી
26. **વલસાડ**: ડો. કે.સી. પાટીલ (BJP) - 3,53,797 મતના અંતરથી જીત્યા હતા

તમામ બેઠકો પર ભાજપના ઉમેદવારોની જીત થઈ હતી.

Tuesday, 28 May 2024

इल्म ही लेकिन अमल नहीं ये ज्ञान इंसानियत के लिए कोई काम का नही ।

  इल्म और अमल: इंसानियत के लिए जरूरी ।

परिचय

इल्म (ज्ञान) और अमल (कार्रवाई) का संबंध इंसान के विकास और समाज की बेहतरी में बेहद महत्वपूर्ण है। केवल ज्ञान प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है; उस ज्ञान को सही दिशा में उपयोग करना आवश्यक है। अगर हम इल्म वाले हैं लेकिन उसका अमल नहीं करते, तो हमारा ज्ञान इंसानियत के लिए कोई फायदा नहीं दे सकता।

ज्ञान का महत्व

ज्ञान वह रोशनी है जो अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है। ज्ञान हमें समझदारी, नैतिकता, और यकीन (विश्वाश) की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का मार्ग दिखाता है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि अपने समाज और देश की प्रगति में भी योगदान देता है।

अमल का महत्व

ज्ञान के साथ अमल का होना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि एक बीज का पौधा बनना। बीज में जीवन होता है, लेकिन जब तक उसे सही ढंग से जमीन में नहीं लगाया जाता और उसकी देखभाल नहीं की जाती, वह फल नहीं देता। इसी तरह, ज्ञान को अमल में लाना आवश्यक है ताकि उसका लाभ समाज को मिल सके।

इल्म बिना अमल के

जब ज्ञान का अमल नहीं होता, तो वह सिर्फ एक सैद्धांतिक जानकारी बनकर रह जाता है। उदाहरण के लिए, एक डॉक्टर जिसने चिकित्सा की पढ़ाई तो कर ली है लेकिन मरीजों का इलाज नहीं करता, उसके ज्ञान का कोई फायदा नहीं है। इसी प्रकार, अगर एक शिक्षक केवल पढ़ाई करता है लेकिन छात्रों को पढ़ाने का अमल नहीं करता, तो उसका ज्ञान व्यर्थ है।

अमल के बिना ज्ञान का नुकसान।

1. समाज का विकास रुकता है : जब ज्ञानी लोग अपने ज्ञान का सही उपयोग नहीं करते, तो समाज की प्रगति धीमी हो जाती है।
2.  नैतिकता का पतन : ज्ञान का अमल न होने पर लोग अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को भूल जाते हैं, जिससे समाज में नैतिकता का पतन होता है।
3.  संसाधनों की बर्बादी : ज्ञान प्राप्त करने में समय और धन लगता है। अगर इसे उपयोग में नहीं लाया गया तो ये संसाधन व्यर्थ चले जाते हैं।

" अमल का प्रेरणास्त्रोत "

ज्ञान का सही उपयोग करने के लिए अमल का होना जरूरी है। इसके लिए कुछ प्रेरणास्त्रोत हो सकते हैं:
1. समाज की सेवा : ज्ञान का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करना चाहिए।
2. आत्मविकास : अमल से व्यक्ति अपने ज्ञान को और निखार सकता है।
3. प्रेरणा स्रोत बनना : जब ज्ञानी व्यक्ति अमल करता है, तो वह दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बनता है।

" निष्कर्ष "

इल्म और अमल दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। अगर इल्म है लेकिन अमल नहीं, तो वह इंसानियत के लिए कोई नफा नहीं दे सकता। हमें अपने ज्ञान का सही उपयोग करना चाहिए ताकि हम न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकें, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी अपना योगदान दे सकें। इसलिए, इल्म को अमल में लाना ही असली ज्ञान की पहचान है।

कच्छ Demolition 2026 Riport।

कच्छ 2026 डिमोलिशन रिपोर्ट । सोशल मीडिया से तथ्य, घटनाक्रम और ज़मीनी चर्चाओं का संकलन .... साथियों,  इस रिपोर्ट को तैयार करने का...