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Sunday, 9 May 2021

કાબા વિના આ દુનિયા રોકાઈ શકે છે.


SAFTEAM GUJ. 09 May 2021

  સુબ્હાનઅલ્લાહ

  અમેરિકાના એક મોટા લેખક કે જણાવ્યું છે :   

જો મુસલમાનો આ પૃથ્વી ઉપર *કાબા શરિફ* પાસે  તવાફ કરવાનું અથવા પ્રાર્થના કરવાનું બંધ કરશે , તો આપણી ધરતીનું પરિભ્રમણ અટકશે, કારણ કે કાળા પથ્થર પર કેન્દ્રિત સુપર કંડક્ટરનું પરિભ્રમણ હવે ઇલેક્ટ્રોમેંગ્નેટિક તરંગોને વેર વિખેર કરશે નહીં.
  15 યુનિવર્સિટીઓના સંશોધનનાં પરિણામો મુજબ બતાવે છે કે મકકા શહેરમાં  આવેલું    "હજરે અસવદ"  એક ઉલ્કા છે .  જેનુ ધાતુ ખૂબ ઊંચુ છે . 
જે હાલની સ્ટીલ કરતા 23,000 ગણી ઉંચી છે.  કેટલાક અવકાશયાત્રીઓ કે જેમણે પૃથ્વી પરથી નીકળતો અને સંશોધન કર્યા પછી ખૂબ કાબૂમા કરતો પ્રકાશ જોયો છે , જે કાબા માંથી નીકળે છે .  સુપર કંડક્ટર   હજરે અસવદ છે,   
 જે માઇક્રોફોનની જેમ કાર્ય કરે છે જે બ્રોડકાસ્ટ થાય છે અને હજારો માઇલ બ્રોડકાસ્ટ રેન્જ સુધી પહોંચે છે.

  પ્રો. લોરેન્સ ઇ. યોસેફ - ફ્લ વ્હિપલે લખ્યું છે :

 "મુસ્લિમો નુ આપણી ઉપર ખરેખર  મોટું દેવું છે, કારણ કે મુસ્લિમો રાત દિવસ કાબા પાસે  તવાફ અને પ્રાર્થનાઓ કરતાં હોવાથી આખી દુનિયામાં સુપર કંડક્ટર   સમયસર થાય છે.  

 લા ઇલાહા ઇલ્લલલ્લાહ,અલ્લાહુ અકબર.
હજ અને ઉમરાહની હિલચાલની પ્રચંડતા જોઈને આપણે કેટલા રોમાંચિત છીએ.

  link

  હવે તમારી પાસે બે પસંદગીઓ છે.
  1. આ લેખને આ પૃષ્ઠ પર છોડી દો જેથી અન્ય વાંચી ન શકે.
  2. 'શેર' પર ક્લિક કરીને અન્ય મિત્રોને મોકલો  જેથી અન્ય લોકોને દુનિયા ની સૌથી મોટી ખુબી ની જાણ થાય.

Wednesday, 5 May 2021

यहूदियों की मज़हबी किताब तलमूद के मुताबिक...




1..यहूदियों के अलावा दुनिया के सारे इन्सान *"गोयन्स"* हैं मतलब सब हयुमन, मतलब मनुष्य के रूप में जानवर, पूर्ण मनुष्य सिर्फ़ यहूदी हैं!

2. इसलिए यहूदियों का अधिकार है कि वह *गोयन्स* का चाहे जैसे इस्तेमाल करें। जैसे हम जानवरों का इस्तेमाल चाहे जैसे कर सकते हैं!

3. तलमूद के मुताबिक़ यहूदियों को अधिकार है कि *गोयन्स* के साथ किसी भी तरह का ज़ुल्म किया जा सकता है चाहे मार पीट की जाय... चाहे गुलाम बनाया जाए... यहां तक कि उसकी हत्या भी की जा सकती है, इस पर कोई गुनाह नहीं..!!

4. तलमूद के मुताबिक अर्ध मनुष्यों की औरतों का चाहे वह बलात्कार करें... चाहे उनसे वेश्यावृति करायें... इन पर कोई गुनाह नहीं..!!

5. यहूदियों में आपस में ब्याज़ लेना देना गुनाह है मगर वह बाकी सब हयुमन से ब्याज़ ले सकते हैं...!!

6. यहूदियों में खिंज़ीर (सुअर) खाना हराम (निषेध) है मगर वह बाकी अर्ध मनुष्यों को सुअर खिला सकते हैं..!!

7. तलमूद के मुताबिक यहूदियों को ईश्वर ने पूरी दुनिया के अर्ध मनुष्यों पर शासन करने के लिए पैदा किया है यही वजह है कि इनकी *ज़ायोनिज़्म* तहरीक सारी दुनिया की अर्थ व्यवस्था को अपने क़ब्ज़े में करना चाहती है..!!

8. तलमूद के मुताबिक बाकी अर्ध मनुष्यों को ईश्वर ने इनकी सेवा करने के लिए पैदा किया है। 

इसके अलावा भी और बहुत सी बातें हैं जो तलमूद में लिखी हैं। तलमूद यहूदियों की ऐसी किताब है जो 576 से 300 ई. के बीच लगभग 800 साल में तैयार की गई। इस किताब को यहूदी रब्बियों ने तौरात की व्याख्या के नाम पर तैयार किया यह किताब सैंकड़ों जिल्दों (भागों) में है और बेहद गोपनीय है इस किताब के कुछ हिस्से मुस्लिम स्पेन के पतन के बाद कैथोलिक ईसाइयों के हाथ लगे... जिससे उपरोक्त जानकारी मंज़रे आम पर आ सकी फिर जर्मनी में हिटलर के शासन के दौरान कई ईसाइयों ने दुबारा यह जानकारी छापी..!!
आज कंडीशन यह है कि यहूदियों के लिए तौरात में से सिर्फ़ "टेन कमांडमेंट्स" ही पढ़े जाते हैं वह भी सिर्फ़ सवाब हासिल करने के लिए... अमल करने के लिए तलमूद ही असल किताब है और *इस्राईल* के स्कूलों में यहूदी स्टूडेंट्स के लिए तलमूद के स्पेशल कोर्स कराये जाते हैं..!!
 
*यहूदी* एक नस्लवादी क़ौम है। नस्ली बरतरी का घमंड इनमें कूट कूट कर भरा हुआ है... यह एक बेहद बुज़दिल क़ौम है जो सिर्फ़ साज़िश करना जानती है इनका इतिहास ख़तरनाक साज़िशों से भरा हुआ है इनकी साज़िशों की वजह से ही जर्मनी की पहले विश्व युद्ध में करारी हार हुई थी और हिटलर की यहूदियों से दुश्मनी भी इनकी गद्दारियों की वजह से ही हुई थी इसीलिये उसने इनके लिए "फाइनल सोल्युशन" का इंतज़ाम किया था। 

इस क़ौम से जिसने हमदर्दी या दोस्ती की उसने नुक़सान उठाया है..

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[08/05, 11:36 am] Business: 👉 Posted by. :-
*Faizan Ashraf Hamidi*
SAMBHAL. [  U.  P] 
📞  *8958025786*

""""  *दिल व दिमाग़ को झंझोड़ने वाली तहरीर* """"""

( *A ) मस्जिदे अक़्सा को शहीद करने की साज़िश का नाम कोरोना वायरस*( Covid-19)       

( *B) कोरोना यहूदियों ( Jewesh's) का एक ख़ुफ़िया एजेन्डा*..........

मैसेज दिल दिमाग़ को हाज़िर करके पूरा पढ़ें ///////

_यह मालूमात पढ़कर आपकी ऑंखें फटी की फटी रह जायेंगीं_,
वहम और ख़ौफ़ से दुनिया में फैलाए गये झूठी Theories को  " *कोरोना वायरस* " कहा जाता है, 
क्या आप जानते हैं यह लफ़्ज़ ( Word) *कोरोना* यहूदियों की मज़हबी किताब " *तलमूद* (Talmood)" में भी बड़े अच्छे अंदाज़ में मौजूद है । कोरोना को *इबरानी* ज़बान में  "קרא נא" ऐसे लिखा जाता है उसके मानी है " *पुकारना या आवाज़ लगाना* " 

*किसको पुकारना* ???
इसका जवाब है यहूदियों का मसीहा
आर्थोडोक्स यहूदियत के मुताबिक़ *मसीहा* जिसे इंग्लिश में 
*Moshiach* या *Hashem* कहते हैं, दज्जाल नही बल्कि एक ऐसा लेबरल यहूदी नस्ल रहनुमा होगा जो *मस्जिद अक़्सा* को शहीद करके उसकी जगह दज्जाल के लिए  " *हैकल सुलैमानी* " तामीर करेगा यहूदियत के मुताबिक, जब वह मसीहा आयेगा तो उस वक़्त सब लोग घरों में छुपे हुए होंगें, उसे पुकार रहे होंगें मतलब हर कोई उसे इन लफ़्ज़ों से पुकार रहा होगा कि
*कोरोना* *कोरोना* *कोरोना*...............
यानी ऐ हमारे मसीहा
*आजाओ*, *आजाओ* *अब आजाओ*........!!!!

इसके अलावा नये कोरोना वायरस को ( *Covid-19*) का नाम भी यहूदियों ने दिया है और आप इसे भी हरगिज़ इत्तेफाक़ ना समझें, 

हमेशा पढ़ने वालों को समझाया जाता है कि यहूदी हमेशा Context लफ़्ज़ ईजाद करते हैं जिनका ज़ाहिरी मतलब कुछ और जबके अस्ल मतलब कुछ और ही होता है ।

लफ़्ज़ *Covid* यहूदी मज़हबी किताब  " *तलमूद* (Talmood)" के *Volume -5*  *Masechet Berachot* के पहले पैराग्राफ में कुछ इस तरह मौजूद है
*"אין עומדין להתפלל 
  אלמתוך כובד דראש"*
इसका मतलब है कि 
" *किसी आदमी को उस वक़्त तक नमाज़ के लिए नही उठना चाहिए जब तक कि उसको Covid ना हो* "

*कोविड क्या है* ????
यहूदी उलामा उसके explanation करते हुए बताते है कि इसका मतलब यह है, आजिज़ी humility, आपका इस बात पर ईमान हो कि हम कुछ भी नहीं हैं और हाशिम ( मसीहा) के बग़ैर हम कुछ भी नही कर सकते इसलिए हमें उसको Covid के साथ पुकारना होगा, आजज़ी से आवाज़ देनी होगी ।( *मआ़ज़ल्लाह*) 

*और क्या आवाज़ देनी होगी* ???
*उसका जवाब है  19*

*अब यह 19 क्या है* ???
*19. Sim Shalom ("Grant Peace") - asks God for peace, goodness, blessings, kindness and compassion.*
यहॉं *19* का मतलब *तलमूद* में मौजूद यहूदी नमाज़ का *19 वॉ* कल्मा है, 
यानी हमें कोरोना के साथ *19* वॉं *कल्मा* दोहराते (Revision) रहना होगा जब ही हमारा मसीहा आकर *मस्जिदे अक़्सा* गिराकर वहॉं दज्जाल के लिए *हैकले सुलैमानी* तामीर करेगा ,
अब आपके समझ में आ गया होगा कि यहूदी अपने प्लान को किस तरह ख़ुफ़िया Context Word बनाकर पैश करते हैं ।

अब आप इस्राइल Health और Defense Minister's के बयानों को अपने दिमाग़ में लाकर उनपर ग़ौर करें ,जिसमें एक कहता है कि हमें कोरोना से कोई परेशानी नही, और दूसरा कहता है कि हमें निजात ( छुटकारा)  दिलाने वाला 
*मसीहा* जल्दी आने वाला है, इसके अलावा इस्राइल के चीफ़ रबी ने भी ऐलान किया है कि *मसीहा* इस साल आयेगा, पिछले दिनों पहले आप ने ट्विटर पर उसका ट्रेन्ड भी देखा होगा जो पड़ोसी मुस्लिम मुल्क में *कादयानियों* ने बनाया था और यहूदियों की वह नाजाइज़ औलादे जो इस वक़्त पड़ोसी मुल्क में मौजूद हैं उन्होंने इस पर ख़ूब महनत की थी ।

जी हां *100%* बिल्कुल ठीक समझ रहे हैं आप इसलिए सबको घरों में क़ैद करवा कर, हर जगह कोरोना कोरोना करवाया जा रहा है, यह सिर्फ इत्तेफ़ाक़ नही डिजिटल दौर के शुरू में इस कोरोना के नाम पर आपके लिए जो ویسلِین  तैयार की गई है उससे आपके दिमाग से हक़ीक़ी माबूद ( *अल्लाह रब्बुल आलामीन*)  का ख़्याल निकालकर आपको दज्जाल की  पैरवी पर तैयार किया ज रहा है 
‼️ *लिहाज़ा* इस लफ़्ज़ को भी इस्तेमाल करने से रोकें क्यूंकि कोरोना वायरस नही, सिर्फ़ यहूदियों का पैदा किया गया एक झूठा नज़रयाती वहम है ।।
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
*इस ऑंख खोलने वाली तहरीर को ज़रूर शेयर कीजिए, और हर मुसल्मान को अपने ईमान व अक़ीदे के तहफ़्फ़ुज़ की तरफ़ तवज्जुह दिलाऐं* !!,!
اِن اللہ لَا یُضیعُ اَجرَ المُحسنِین
अल्लाह पाक किसी की नैकी को ज़ाइअ़ नही फ़रमाता*
ا
[08/05, 11:36 am] Business: Bhai Agr koi is massla k baray m hakikat jankari h to batay

Monday, 3 May 2021

पांच राज्य के मुस्लिम विधायक की लिस्ट.

_पांच राज्यो में कुल *822* सीटों के लिए चुनाव हुए जिस में *98 मुस्लिम विधायक* के तौर पर चुने गए जो *कुल सीट के 11.92%* होते हैं।_

*राज्यवार अंक* देखे तो सब से ज्यादा पश्चिम बंगाल में 37, असम में 32,  केरल में 23, तमिलनाडु में 5, और पुड्डुचेरी में 1 मुस्लिम कामियाब हुआ।

*पार्टी वाइज* देखे तो सब से ज्यादा TMC के 36, कोंग्रेस के 20,  यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के 15, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 11, DMK के 5, सीपीआई एम 4, निर्दलीय 2, सीपीआई 1, इंडियन नेशनल कोंग्रेस 1, RSMP 1, *BJP 1,* इंडियन नेशनल लीग के 1 उम्मीदवार चुनाव जितने में कामियाब हुए। 

_पांच राज्यों में जीते हुवे मुस्लिम उम्मीदवार की लिस्ट पर एक नज़र:_
 
*पश्चिम बंगाल:*
(1) हामिद-उर-रहमान (TMC)
(2) अब्दुल करीम चौधरी (TMC) 
(3) मुहम्मद गुलाम रब्बानी (TMC)
(4) आज़ाद मिंज-उल-अरफ़ीन (TMC)
(5) मुशर्रफ हुसैन (TMC)
(6) तारिफ हुसैन मंडल (TMC)
(7) ताजमल हुसैन (TMC)
(8) अब्दुल रहीम बख्शी (TMC)
(9) यासमीन शबीना (TMC)
(10) मोहम्मद अब्दुल गनी (TMC)
(11) मुनीरुल इस्लाम (TMC)
(12) अकर अल-ज़मान (TMC)
(13) अली मोहम्मद (TMC)
(14) इदरीस अली (TMC)
(15) सोमक हुसैन ( TMC)
(16) हुमायूँ कबीर (TMC)
(17) रबी-उल-आलम चौधरी (TMC)
(18) हसन अल-ज़मान शेख (TMC)
(19) नेमत शेख (TMC)
(20) शाहिना मुमताज़ खान (TMC)
(21) रफीकुल इस्लाम (TMC)
(22) अब्दुल रज्जाक (TMC)
(23) नसीरुद्दीन अहमद (लाल) (TMC) 
(24) कलोल खान (TMC)
(25) रक्बन -उर-रहमान (TMC)
(26) अब्दुल रहीम काजी (TMC) 
(27) रहीमा मोंडल (TMC)
(28) इस्लाम एसके नूरुल हाजी (TMC)
(29) रफीकुल इस्लाम मंडल (TMC)
(30) मुहम्मद नसूद सिद्दीकी (RSMP)
(31) अहमद जावेद खान (TMC)
(32) फेरोडी बेगम (TMC)
(33) अब्दुल खालिक मुल्ला (TMC) 
(34) फरहाद हकीम (TMC)
(35) गुलशन मलिक (TMC)
(36) सिद्दीकुल्लाह चौधरी (TMC)
(37) शेख शाहनवाज़ (TMC)

*असम:*
(38) सिद्दीक अहमद (कांग्रेस)
(39) अब्दुल अजीज (AIUDF)
(40) जाकिर हुसैन लश्कर (AIUDF)
(41) सज्जामुद्दीन लश्कर (AIUDF)
(42) नजामुद्दीन चौधरी (AIUDF)
(43)करीमुद्दीन बारुहिया (AIUDF)
(44) मिस्बाह-उल-इस्लाम लश्कर (कांग्रेस)
(45) खलीलुद्दीन (कांग्रेस)
(46) नोमल मोमिन (भाजपा)
(47) मुहम्मद अमीनुल इस्लाम (AIUDF)
(48) वज़ीर अली चौधरी (कांग्रेस)
(49) नज़रुल हक़ (AIUDF)
(50) नज़र रहमान (AIUDF)
(51) अब्दुल सुभान अली सरकार (कांग्रेस)
(52) हाफ़िज़ बशीर अहमद (AIUDF)
(53) शम्सुल हुदा (AIUDF)
(54) अब्दुल बातिन (कांग्रेस)
(55) अब्दुल कलाम राशिद (कांग्रेस)
(56) अब्दुल राशिद (कांग्रेस)
(57) आफताबुद्दीन मुल्ला (कांग्रेस)
(58) अब्दुल रहीम अहमद ( कांग्रेस) 
(59) रफीकुल इस्लाम (AIUDF)
(60) शर्मन अली अहमद (कांग्रेस)
(61) जाकिर हुसैन (कांग्रेस)
(62) अशरफ अल-हुसैन (AIUDF)
(63) रकीबुद्दीन अहमद (कांग्रेस)
(64) मुजीब-उर-रहमान (AIUDF)
(65) डॉ.आसिफ मुहम्मद नज़र (कांग्रेस)
(66) असफ़ल इस्लाम (AIUDF)
(67) नूरुल हुदा (कांग्रेस)
(68) रकीब हुसैन (कांग्रेस)
(69) सिराजुद्दीन अजमल (AIUDF)

*तमिलनाडु:*
(70) एस. एम. नस्र (DMK), 
(71) अज़लान एन (DMK)
(72) जेएमएच आसन मौलाना (कांग्रेस)
(73) अब्दुल समद (DMK)
(74) अब्दुल वहाब (DMK) 

*केरल:*
(75) ए.के.एम अशरफ (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(76) एडवोकेट ए.एन शमशीर (सीपीआईएम)
(77) एडवोकेट टी सिद्दीकी (कांग्रेस)
(78) अहमद देवरकुल (आईएनएल)
(79) एडवोकेट पीटीए रहीम (आजाद)
(80) डॉ.एम.के.मुनीर (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(81) टीवी इब्राहिम (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(82) पीके बशीर (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(83) एड यूए लतीफ (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) 
(84) नजीब केवंत (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(85) पी ओबैदुल्लाह (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(86) अब्दुल हमीद मास्टर (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) 
(87) केपीए मजीद (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(88) वी अब्दुल रहमान (एनएससी)
(89) मोहि-उद-दीन (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(90) प्रो.आबिद हुसैन (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग)
(91) डॉ.जलील (आजाद)
(92) मुहम्मद मोहसिन (सीपीआई)
(93) शफी (कांग्रेस)
(94) एसी मोइनुद्दीन (सीपीआईएम)
(95) एनके अकबर (सीपीआई) एम)
(96) अनवर सादात (कांग्रेस)
(97) एम नौशाद (सीपीआईएम)

*पुडुचेरी:*
(98) एएमएच नाजिम (DMK)

*Compiled by:  Salim Hafezi*

कोरोना काल और उसके बाद ?

अब बचेगा वही जो चौकन्ना होगा..

• आने वाले दौर के लिए तैयार रहे ख़ास तौर पर अपनी औलाद और आने वाली पीढ़ी को तैयार करें, क्योंकि आपने तो अपनी ज़िंदगी लगभग काट ली है.

• बहुत से लोग अभी भी ये समझ रहे हैं कि दुनियां दोबारा पुरानी डगर पर वापस आ जायेगी.

• आप होश में आ जाएं, दुनियां बदल चुकी है, न्यू वर्ल्ड आर्डर की इब्तिदा हो चुकी है, दुनियां उस डगर पर लौट कर कभी नहीं आएगी.

• दज्जाली निज़ाम की इब्तिदा हो चुकी है, आप दुनियाबी घटनाक्रम की क्रोनोलॉजी पर जरा नज़र डालें. 

• आतंकवाद, इस्लामो फोबिया, नरसंहार-क़त्लेआम, पूरे दुनिया पर फ़ासिस्ट ताकतों का शिकंजा, फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद, पूरी वर्ल्ड इकॉनमी कॉर्पोरेट के हाथो में जाना, पूरी दुनिया मे फाइनेंसियल इमरजेंसी लगी है लेकिन कोई इस लफ्ज़ का इस्तेमाल नहीं करना चाहता.

रेसेशन उरूज पर है, नफरते-नफ़सानीयतें उरूज पर हैं, बेरोज़गारी, आत्म हत्याएं, अपराध, भुख्मरी, गरीबी चरम पर है, न्यूक्लियर हत्या, बायो वेपन्स, मीडिया प्रोपोगंडा, और एक के बाद एक तमाम दीगर फ़ितने जारी है. 

• जेरूसलम यहूदियों के हाथ जा चुका है, इजराइल और अरब समझौते के बाद यहूद ने हिजाज़ में भी अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. पहले ही हिजाज़-ए-मुक़द्दस का निज़ाम ख़रीजीओ, मुनाफिकों, दौलत और अय्याशी के ठेकेदारों के पास है. 

• सीरिया, यमन, अफ़ग़ानिस्तान, इराक, म्यांमार हम सब भूलते जाते हैं. हमे लगता है ये सब जगह दूर हैं लेकिन हम गफलत में हैं. 

इस दौर के बारे में बहुत तफ़सील से बताया गया है लेकिन हमने दीन को पढा ही नहीं है. हर फितना आने वाले फ़ितने से बड़ा होगा. दुनिया अभी कोरोना से ही हिल गयी है. आप मेरी बात लिख लें कि बहोत ही जल्द इस से बड़ा फितना वुजूद में आएगा. 

असल मौज़ू पर आता हूं..

• स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और दीगर तालीमी इदारे अब लम्बे अरसे तक शायद बंद रहें. अब बच्चों को तवील अरसे तक मां बाप की निगरानी में घरों में ही रहना है अपने बच्चों को आने वाले दौर के लिए तैयार करें.

• जिस्मानी तौर पर भी.
• जेहनी तौर पर भी और 
• रूहानी तौर पर भी.

• उनको उर्दू, अंग्रेज़ी, अरबी और हिन्दी लाज़मी तौर पर सिखाएं. दीनी उलूम, तारीख और तहज़ीब के बारे में मुकम्मल आगाह करें. अपने बच्चों को लाज़िमन कोई हुनर या फन या उलूम सिखाएं या कोई ना कोई हाथ का काम जो उनको मसरूफ भी रखे और जिससे आने वाले वक़्त में ये कार - आमद हो सकें और वो अपने पैरों पर खड़े हो सकें. 

सुल्तान अब्दुल हमीद कारपेंटर थे, लकड़ी से बनाया हुआ उनका फर्नीचर आज भी महफूज़ है. सुल्तान सुलेमान ज़ेवरात बनाते थे. औरंगज़ेब बादशाह कुरआन करीम लिखते थे और बांस की डलिया बनाकर खुद बेचने जाते थे. 
• अपने बच्चों की जिस्मानी और ज़हनी तौर पर लाज़िमन ऐसी तरबियत करें कि मुश्किल और ना मुआफिक हालात में वो बर्दाश्त करने के क़ाबिल हों. जिस तरह एक NCC कैडेट की तरबियत होती है. जंगल में खैमा लगाना. आग जलाना. खाने पकाना. शिकार करना और हथियार चलाना. आजकल हमारे बच्चे बहुत आराम तलब और नाजुक हो चुके हैं. जिसके कसूरवार भी मां बाप ही हैं, माज़ी में हमारा तमाम तर तालीमी निज़ाम बच्चों को दीन और अदब के साथ हुनर भी सिखाता था. तमाम मुसलमान अपने हाथों में मख्सूस हुनर रखते थे और हाथ से काम करते थे. कोई लोहे का काम जानता तो कोई लकड़ी का. कोई कपड़ा बनाता तो कोई चमड़े का. कोई मुर्गियां पालता तो कोई गल्ला बेचता था खेती करता. आज के वक़्त में भी ऐसे तमाम उलूम, पढ़ाई, कामकाज, हुनर हैं, जिन्हें सीखकर क़ौम मजबूत हो सकती है, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बहोत कुछ सीखा जा सकता है. उस्तादों से या अपने बड़ो से सीखा जा सकता है. किताबो से सीखा जा सकता है. हुनरमंद बने… तालीम हासिल करें… अपने अंदर अच्छी खसलतें, खूबियां, उसूल और ईमान को पैदा करें. तिज़ारत के बारे में सोचे भले ही छोटे लेवल पर, कोई भी काम छोटा नहीं होता. फ़क़त उसकी कमाई
हलाल होनी चाहिए. आगे आने वाला दौर मुश्किलात और जंगों का दौर है अपने बच्चों को इसके लिए तैयार करें अब डिग्रियां हाथ में लेकर कॉलेज से निकल कर नौकरियां तलाश करने का
दौर खत्म हो गया…सरकारी नौकरियों का दौर भी लगभग जा चुका है.

आगे के फितने इससे भी मज़ीद सख्त होंगे. ये कोई फर्जी बात नहीं. एक तो सब हालात आंखों के सामने हैं और मजीद इन सब हालात की खबर अफज़लुल रसूल सरकारे दो आलम नबी ए मुहतरम ने हमें दी हुई है कि ये सब होकर रहेगा.

अब बचेगा वही जो चौकन्ना होगा..

क़ुदरत भी सरवाईवल ऑफ द फिटेस्ट की नीति पर काम करती है. दानिशमंदी और ईमान व अमल इख़्तियार करें. जिस्मानी, ज़हनी, और रूहानी तौर पर मजबूत बनें और दूसरों को बनाएं. कम्फर्ट जोन से बाहर आ जाएं. कुएं के मेंढक बनकर न जियें बल्कि दुनियाबी स्तर पर जो घटनाक्रम चल रहा है उस से इबरत लें और जद्दोजहद करें. क्योंकि अब बचेगा वही जो चौकन्ना होगा…


*मनक़ूल*

कच्छ Demolition 2026 Riport।

कच्छ 2026 डिमोलिशन रिपोर्ट । सोशल मीडिया से तथ्य, घटनाक्रम और ज़मीनी चर्चाओं का संकलन .... साथियों,  इस रिपोर्ट को तैयार करने का...