Followers

Friday, 23 August 2024

जो कौम इतिहास से ना-वाकिफ होती हे, वो इतिहास से मित जाती हे.

 बात करते हैं इस्लाम क़े खूंखार शेरों मेसे एक शेर की*
सुलतान_सलाउद्दीन_अय्युबी_रहा

बेशक जो क़ौम अपनी तारीख़ भूल जाती है,
वो क़ौम सफ़ेहस्ती से मिटा दी जाती है"

वो_कैसा वक्त था जब एक ईसाई बादशाह रिचनल्ड ने मदीने को तहतेग करने का अज़्म लेकर अपनी फौजो से लदे हुए बहरी जहाज़ अरब सरज़मीन के साहिल पर लगा दिये, वो अक़्सर अपने सालारो से एक बात कहता रहता था कि वो हमारे प्यारे नबी #मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह_सल्ल. के रोज़ाए मुबारक को तोड़कर आप सल्ल. के जिस्म मुबारक़ को बाहर निकालेगा।
(नाऊज़बिल्लाह ) 

जब_उसका_ये_मंसूबा_सुल्तान_सलाहुद्दीन_अय्यूबी
तक पहुँचा तो उस मर्दे मुजाहिद ने अपनी तलवार आसमान की तरफ़ लहराकर कहा कि क़सम है मुझे उस पाक़ज़ात की जिसके कब्ज़े में मेरी जान है, रिचनल्ड को मै अपने हाथो से कत्ल करूँगा, हित्तीन की जंग को फतह करने के बाद आठ से ज़्यादा सलीबी बादशाह क़ैद किया गया। *जब रिचनल्ड को सलाहुद्दीन अय्यूबी के सामने लाया गया तो अय्यूबी ने उसे उसके वो अल्फ़ाज़ याद दिलाए जो उसने जनाबे*
*मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह_सल्ल. के बारे में कहे थे।*

*रिचनल्ड_ने_कहा_कि_बादशाह तो इस तरह के काम करते है, अय्यूबी ने कहा कि मैनें क़सम खाई थी कि तुझे अपने हाथो से क़त्ल करूँगा अब तेरे पास सिर्फ बचने का एक ही रास्ता है कि इस्लाम क़ुबूल करके तौबा कर ले रिचनल्ड ने कहा कि मै इस्लाम क़ुबूल नही करूँगा, सलाहुद्दीन अय्यूबी ने अपनी तलवार उठाई और एक ही वार में उसकी गर्दन उड़ा दी ।*

*मेरे_अज़ीज़_साथियो आज अगर किसी से पूछा जाए कि सलाहुद्दीन अय्यूबी कौन है तो शायद ही कोई बता सके* 
मिल्लते इस्लामियां के इस अज़ीम हीरे की इस उम्मते मुस्लिमा पर बहुत एहसान है, शाम और मिस्र के मुख्तार ओ मालिक बादशाह सलाहुद्दीन अय्यूबी के मरते वक्त इस मर्दे मुजाहिद की कुल ज़ायदाद कुछ दिरहम, एक तलवार और उसका एक घोडा था.!

*आज हम लोग मिल्लते इस्लामियां के उस अज़ीम सितारे उस मर्दे मुजाहिद को भूल चुके है, 2अक्टूबर सन् 1178 ईस्वी में सलाहुद्दीन अय्यूबी ने बेतुल मुक़द्दस को ईसाइयो से आज़ाद कराया था।* 

आज फिर वो बेतुल मुक़द्दस यहूदियो के कब्ज़े में है और फिलिस्तीनी बच्चे यहूदियो की आँख से आँख मिलाकर ये तराना पढ़ते है कि...👇

"नाहनुअबनुल_मुस्लिमीन_व_कुल्लुना_सलाहुद्दीन"

तर्जुमा👇
हम मुसलमानों के बच्चे हैं और हममे से हर एक सलाहुद्दीन हैl

इताअत कब और कहां करनी हे❓हदीस की रोशनी मे परहे.

इस्लाम मे  अंधाधुंध इताअत  करने  की मनाई हे.इस  हदीस से साबित होता हे.


Date:y07 April 2021
  Sahih Bukhari
Hadith No 7145
           بسْــــــــــــــــــمِ ﷲِالرَّحْمَنِ اارَّحِيم

ا لسَـــــــلاَمُ عَلَيــْــكُم وَرَحْمَةُ اللهِ وَبَرَكـَـاتُ
ہم سے عمر بن حفص بن غیاث نے بیان کیا، انہوں نے کہا ہم سے اعمش نے بیان کیا، ان سے سعد بن عبیدہ نے بیان کیا، ان سے ابوعبدالرحمٰن نے بیان کیا اور ان سے علی رضی اللہ عنہ نے بیان کیا کہ   نبی کریم صلی اللہ علیہ وسلم نے ایک دستہ بھیجا اور اس پر انصار کے ایک شخص کو امیر بنایا اور لوگوں کو حکم دیا کہ ان کی اطاعت کریں۔ پھر امیر فوج کے لوگوں پر غصہ ہوئے اور کہا کہ کیا نبی کریم صلی اللہ علیہ وسلم نے تمہیں میری اطاعت کا حکم نہیں دیا ہے؟ لوگوں نے کہا کہ ضرور دیا ہے۔ اس پر انہوں نے کہا کہ میں تمہیں حکم دیتا ہوں کہ لکڑی جمع کرو اور اس سے آگ جلاؤ اور اس میں کود پڑو۔ لوگوں نے لکڑی جمع کی اور آگ جلائی، جب کودنا چاہا تو ایک دوسرے کو لوگ دیکھنے لگے اور ان میں سے بعض نے کہا کہ ہم نے نبی کریم صلی اللہ علیہ وسلم کی فرمانبرداری آگ سے بچنے کے لیے کی تھی، کیا پھر ہم اس میں خود ہی داخل ہو جائیں۔ اسی دوران میں آگ ٹھنڈی ہو گئی اور امیر کا غصہ بھی جاتا رہا۔ پھر نبی کریم صلی اللہ علیہ وسلم سے اس کا ذکر کیا گیا تو آپ صلی اللہ علیہ وسلم نے فرمایا کہ اگر یہ لوگ اس میں کود پڑتے تو پھر اس میں سے نہ نکل سکتے۔ اطاعت صرف اچھی باتوں میں ہے۔


          _आज के इस डोर मे तानाशाही सरकार और षड्यंत्र कारी सरकार की नीतियों को छोड़कर अगर कोई भी मुस्लिम रेहनुमा दुसरी बातों पर अपने फरमान जारी करे एसे मे मेरे नजदीक इस हदीस पर नजर करते हुये अमल करके अपना इमान और जान बचानी चाहिये._
                *मे यंहा कोरोना बिमारी को महा बिमारी बताने वाले मुस्लिम लीडर की बात करता हु, समझदार को इसारा काफी हे, वैसे अब लोग समझने लगे हे, बस उस समझदारी को जुबान पर लाने का प्रयास करना हे,वरना हमे सत्ताधारी  षड्यंत्र कारी सरकार की साजिश का शिकार बना दिया जायेगा.*
    _हो सकता हे कुच लोगों के लिये मेरा ये अनुमान गलत हो सकता हे,लेकीन ये बात मेरे नजदीक 100%सही हे._

  Huzaifa patel. Bharuch, Gujarat

Monday, 22 July 2024

72 फिरकों के नाम।

 *सोशियल मिडिया में पहली बार इस्लाम के नामपर 72 फिरको (जूठ) के नाम ।*

     _इसमें से आप कोनसे फिरके से जुड़े हे❓ ध्यान से पढ़े और हमारे Whatsapp नंबर पर कॉमेंट करे।_
      🫵 +919898335767

1. हनफी
2. शाफई
3. मलिकी
4. हम्बली
5. सूफी
6. वहाबी
7. देवबंदी
8. बरेलवी
9. सलफी
10. अहले हदीस
11. इशना अशरी (Twelver Shia)
12. जाफरी (Ja’fari)
13. जैदी (Zaidi)
14. इस्माइली (Ismaili)
15. दाऊदी बोहरा (Dawoodi Bohra)
16. बोहरा जाफरी (Bohra Jafari)
17. खोजा (Khoja)
18. द्रुज (Druze)
19. अशअरियाह (Ash’ari)
20. अहमदियाह (Ahmadiyya)
21. आजमी कैफी (Azmi Kaifi)
22. बोहरा सुलेमानी (Bohra Suleimani)
23. ईसाकियाह (Isa’kiyah)
24. रजाखानी (Razakhani)
25. नुक्तावियाह (Nuqtaviya)
26. रजाखानी (बरेलवी) (Razakhani Barelvi)
27. सिफातिहाय (Sifatihay)
28. हम्बलियाय (Hanbaliya)
29. खारिजी (Khariji)
30. बाबी वादी (Babi Vadi)
31. जबरीयाह साधारण (Jabriyah Saadaran)
32. महमूदीयाह (Mahmudiya)
33. फाजिली (Fazili)
34. शाफीयाहू (Shafiyahu)
35. मुशाबियाह (Mushabiyah)
36. करमियाह (Karamiyah)
37. कलामी (Kalami)
38. कर्रामी (Karrami)
39. कादियानी (Qadiyani)
40. खुर्रमियाह (Khurramiyah)
41. मुकन्नइ (Mukanai)
42. मजालिमियाह (Majalimiyah)
43. फातिमियाह (Fatimiyah)
44. इस्मायिली (Ismaili)
45. बक्ताशियाह (Baktashiyah)
46. हुरुफी (Hurufi)
47. नक्शबंदी (Naqshbandi)
48. नक्शबंदी मुजद्दिदी (Naqshbandi Mujaddidi)
49. शात्तारी (Shattari)
50. ओवैसी (Owaisi)
51. मुजाद्दीदी (Mujaddidi)
52. कादिरी (Qadiri)
53. सुहरवर्दी (Suhrawardi)
54. चिश्ती (Chishti)
55. मलीमतियाह (Malamatiah)
56. शाइख़ी (Shaikhi)
57. बाबियाह (Babi)
58. बहाई (Bahai)
59. नुजुमियाह (Nujumiyah)
60. रूशनीयाह (Rushaniyah)
61. तैमियाह (Taimiyah)
62. अफ़गानी (Afghani)
63. इख्वान (Ikhwan)
64. तहलीलियाह (Tahleeliyah)
65. वह्दानीयाह (Wahdaniyah)
66. मुवाहिद (Muwahhid)
67. कादियानी (Qadiyani)
68. अलीलही (Alilahi)
69. नूरबख्शी (Nurbakhshi)
70. इस्हाकियाह (Ishaqiyah)
71. खलीलियाह (Khaliliyah)
72. माशायिक़ (Mashayiq)
   👉 *(मुस्लिम) Muslim*

यह सूची विभिन्न स्रोतों से संकलित की गई है और संभवतः सभी फिरकों को शामिल नहीं करती है। कुछ नाम अलग-अलग शुरतो में अलग-अलग भी हो सकते हैं ।

*इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेर करे ।*

Friday, 5 July 2024

વિશ્લેષણ એક સબ્જેક્ટ

*એજ્યુકેશન એક મજબૂત પાયો છે.*

કોઈપણ સમાજને સારા ભવિષ્ય માટે *"પ્રોફેશનલ એજ્યુકેશન"* અને *"સોશિયલ એજ્યુકેશન"* બંને ખૂબ જ અગત્યના છે. જો કે સમક્ષ અને મજબૂત સમાજ બનાવવા માટે, *સમાજને સોશિયલ એજ્યુકેશન તરફ વિશેષ ધ્યાન આપવું જરૂરી હોય  છે.*

સોશિયલ એજ્યુકેશનથી સમાજના તમામ લોકોને *નૈતિક મૂલ્યો, નાગરિક કર્તવ્ય, સંસ્કૃતિ અને ઇતિહાસ સાથે સામાજિક જાગૃતિના મહત્ત્વ વિશે જાણકારી મળે છે* આ જ્ઞાનને જીવનમાં ઉતારી, દરેક વ્યક્તિ સમાજ માટે સહકાર, સહિષ્ણુતા અને ભાઈચારા જેવી ભાવનાઓ વિકસાવે છે. 

*સમાજમાં વિવાદોને દૂર કરવા માટે, સંગઠિત જીવન શૈલી અપનાવીને પરસ્પર સહકાર અને સમજણ વધારવી મહત્વની છે.* આ માટે, સ્કૂલો અને કોલેજોમાં તેમજ સમાજના વિવિધ સંગ્રહો અને સંગઠનોમાં સોશિયલ એજ્યુકેશનના કાર્યક્રમો આયોજિત કરવા માટે સમાજના બુદ્ધિજીવી વર્ગની પ્રાથમિક જવાબદારી છે.

*સોશિયલ એજ્યુકેશનથી લોકોમાં સમાનતા, ન્યાય, અને શાંતિની ભાવના વૃદ્ધિ પામે છે.* આ બધા મુદ્દાઓ પર ધ્યાન આપીને, આપણે એક મજબૂત અને સમૃદ્ધ સમાજની રચના કરી શકીએ છીએ, *જેનો લાભ ભવિષ્યની પેઢીઓ ઉઠાવી શકે છે.*

આ સંદેશ સાથે, આશા છે કે આપણે બધા *સામાજિક શિક્ષણની જરુરિયાતને સમજીને, તેની અવશ્યકતા વિશેની સમજણને આગળ વધારવા પ્રયત્ન કરીશું.*

*સામાજિક શિક્ષણથી દુર કોઈપણ વ્યક્તિ પોતાના પ્રોફેશનલ શિક્ષણથી સમાજના વિશેષ જવાબદારી અને પોતાના કર્તવ્યોથી દુર રહે છે.* તેઓ પોતાના પ્રોફેશનમાં વ્યસ્ત રહી સામાજિક જવાબદારીથી દુર રહે છે, આંતરિક વિકાસ માટે સામાજિક શિક્ષણ મહત્વપૂર્ણ છે. જે સમાજમાં સામાજિક શિક્ષણનો અભાવ હોય છે, તે સમાજના સભ્યો પોતાના અંગત પ્રોફેશનલ કારકિર્દીમાં જેટલા સફળ થાય છે, *તેટલાજ સામાજિક જવાબદારી અને કર્તવ્યોના ક્ષેત્રમાં નબળા રહી જાય છે.*

સામાજિક શિક્ષણ દરેક વ્યક્તિને તેના સમુદાય અને સમાજ પ્રત્યેના ફરજ અને *જવાબદારીનું મહત્વ સમજાવશે.* તેઓને આ બાબત માટે જાગૃત બનાવશે કે માત્ર પોતાનું કે પરિવારનું કલ્યાણ પૂરતું નથી, પરંતુ સમાજના સર્વાંગી વિકાસ માટે સહયોગ અને સંઘર્ષ માટે *માર્ગદર્શન અને પ્રોત્સાહન આપવા જેવા મહત્વના કાર્યો કરી શકે છે.*

તેથી, સમાજમાં સામાજિક શિક્ષણનું પ્રચાર-પ્રસાર અત્યંત જરૂરી છે. પ્રોફેશનલ શિક્ષણના સાથે-સાથે સામાજિક શિક્ષણને મહત્વ આપવું જોઈએ જેથી વ્યક્તિને સંપૂર્ણ રીતે સામાજિક વિશ્વાસ પામી શકે અને સમાજને સાચી પ્રગતિની દિશામાં લઈ જઈ શકે.


   *સામાજીક શિક્ષણ જ્યારે નબરું થાય છે,* તેવા સમાજમાં વિકાસ જાહેર જીવનમાં ખૂબ દેખાય શકે પણ વિશ્વાસ સમાજના આમ જન જીવનમાં ઘટાડો થઈ શકે છે, જેનાથી સમાજમાં નવા વિવાદો ઘણી તેજી સાથે વધે છે અને જુના વિવાદો વિકૃત માનસિકતા અને પરિસ્થતિ નિર્માણ કરી શકે છે.

         *"વિશ્લેષણ"*
તમો ક્યાં એજ્યુકેશન ને મહત્વ આપશો ❓

*A*. _સોશિયલ એજ્યુકેશન._
*B*. _પ્રોફેશનલ એજ્યુકેશન._

આપનો જવાબ નીચે આપેલ નંબર ઉપર વોટસએપ નંબર ઉપર *A અથવા B લખીને જાણવો.*

   🤜 *સુરક્ષિત સક્ષમ અને સંગઠિત સમાજના નિર્માણ માટે દરેકનું યોગદાન અનિવાર્ય છે.*🤛

Tuesday, 4 June 2024

मनुस्मृति की छोटी सी जानकारी और कुछ कानून...

 मनुस्मृति की छोटी सी जानकारी और कुछ कानून ....


*1. मनुस्मृति (100)* के अनुसार पृथ्वी पर जो कुछ भी है, वह ब्राह्मणों का है।

*2. मनुस्मृति (101)* के अनुसार दूसरे लोग ब्राह्मणों की दया के कारण सब पदार्थों का भोग करते हैं।

*3. मनुस्मृति (11-11-127)* के अनुसार मनु ने ब्राह्मणों को संपत्ति प्राप्त करने के लिए विशेष अधिकार दिया है। वह तीनों वर्णों से बलपूर्वक धन छीन सकता है अर्थात् डकैती कर सकता है।

*4. मनुस्मृति (4/165-4/166)* के अनुसार जान-बूझकर क्रोध से जो ब्राह्मण को तिनके से भी मारता है, वह 21 जन्मों तक बिल्ली की योनी में पैदा होता है।

*5. मनुस्मृति (5/35)* के अनुसार जो मांस नहीं खाएगा, वह 21 बार पशु योनि में पैदा होगा।

*6. मनुस्मृति (64 श्लोक)* के अनुसार 'अछूत' जातियों के छूने पर स्नान करना चाहिए।

*7. मनुस्मृति धर्म सूत्र (2-3-4)* के अनुसार यदि शूद्र किसी वेद को पढ़ते सुन लें तो उनके कान में पिघला हुआ सीसा या लाख डाल देनी चाहिए।

*8. मनुस्मृति (8/21-22)* के अनुसार ब्राह्मण चाहे अयोग्य हो, उसे न्यायाधीश बनाया जाए वर्ना राज्य मुसीबत में फंस जाएगा। इसका अर्थ है कि भूतपूर्व में भारत के उच्चत्तम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री अलतमस कबीर साहब को तो रखना ही नहीं चाहिये था।

*9. मनुस्मृति (8/267)* के अनुसार यदि कोई ब्राह्मण को दुर्वचन कहेगा तो वह मृत्युदंड का अधिकारी है।

*10. मनुस्मृति (8/270)* के अनुसार यदि कोई ब्राह्मण पर आक्षेप करे तो उसकी जीभ काटकर दंड दें।

*11. मनुस्मृति (5/157)* के अनुसार विधवा का विवाह करना घोर पाप है। विष्णुस्मृति में स्त्री को सती होने के लिए उकसाया गया है।

*12. मनुस्मृति में* दहेज देने के लिए प्रेरित किया गया है।

*13. देवल स्मृति में* तो किसी को भी बाहर देश जाने की मनाही है।

*14. मनुस्मृति में* बौद्ध भिक्षु व मुंड़े हुए सिर वालों को देखने की मनाही है।

*15. मनुस्मृति (3/24/27)* के अनुसार वही नारी उत्तम है, जो पुत्र को जन्म दे।

*16. मनुस्मृति (35/5/2/47)* के अनुसार पत्नी एक से अधिक पति ग्रहण नहीं कर सकती, लेकिन पति चाहे कितनी भी पत्नियां रखे।

*17. (1/10/51/52), बोधयान धर्मसूत्र (2/4/6), शतपथ ब्राह्मण (5/2/3/14)* के अनुसार जो स्त्री अपुत्रा है, उसे त्याग देना चाहिए।

*18. मनुस्मृति (6/6/4/3)* के अनुसार पत्नी आजादी की हकदार नहीं है।

*19. मनुस्मृति (शतपथ ब्राह्मण) (9/6)* के अनुसार केवल सुंदर पत्नी ही अपने पति का प्रेम पाने की अधिकारी है।

*20. बृहदारण्यक उपनिषद् (6/4/7)* के अनुसार अगर पत्नी संबंध करने के लिए तैयार न हो तो उसे खुश करने का प्रयास करो। यदि फिर भी न माने तो उसे पीट-पीटकर वश में करो।

*21. मैत्रायणी संहिता (3/8/3)* के अनुसार नारी अशुभ है। यज्ञ के समय नारी, कुत्ते व शूद्र को नहीं देखना चाहिए अर्थात नारी व शूद्र कुत्ते के समान हैं।

*22. मनुस्मृति (1/10/11)* के अनुसार नारी तो एक पात्र (बर्तन) के समान है।

*नोट - यह जानकारी हिन्दू (ब्राह्मण) धर्मग्रंथों से लिया गया है जिसे कोई संदेह हो वह हिन्दू (व्यवस्थावादी धर्म) को पढ़ सकते है*।  

         जिसे समझना है, वो मनुस्मृति खरीदें....

Sunday, 2 June 2024

समाज सुधार और सामाजिक बदलाव ।

 *समाज सुधार और सामाजिक बदलाव दोनों ही समाज को बेहतर बनाने के प्रयास हैं, लेकिन वे विभिन्न तरीकों और दृष्टिकोणों से काम करते हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं:*
       
      ✒️ Huzaifa Dedicated 
   Bharuch - Gujarat 



 समाज सुधार (Social Reform):
- **क्या है:** यह समाज में पहले से मौजूद समस्याओं को सुधारने या खत्म करने का प्रयास है।
- **कैसे:** छोटे-छोटे कदमों के जरिए, जैसे कि कानून बदलना, लोगों को जागरूक करना, और शिक्षा के माध्यम से।
- **उदाहरण:** 
  - बाल विवाह का विरोध करना और इसे खत्म करना।
  - विधवाओं को पुनर्विवाह का अधिकार दिलाना।
  - जाति-प्रथा के खिलाफ काम करना।
- **लक्ष्य:** समाज को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाना।

### सामाजिक बदलाव (Social Change):
- **क्या है:** यह समाज की मौलिक संरचनाओं और प्रणालियों में बड़े बदलाव लाने का प्रयास है।
- **कैसे:** व्यापक और गहरे स्तर पर बदलाव, जो समय के साथ समाज की सोच, संस्कृति, और जीवन शैली को बदलते हैं।
- **उदाहरण:** 
  - औद्योगिक क्रांति जिसने काम करने के तरीके और समाज की आर्थिक संरचना को बदल दिया।
  - महिला अधिकार आंदोलन जिसने महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका को पुनर्परिभाषित किया।
  - डिजिटल क्रांति जिसने सूचना और संचार के तरीके को बदल दिया।
- **लक्ष्य:** समाज को एक नई दिशा और रूप देना।

### मुख्य अंतर:
1. **दायरा और गहराई:**
   - **समाज सुधार:** विशेष समस्याओं पर केंद्रित होता है और उनका समाधान खोजने की कोशिश करता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** पूरे समाज की संरचना और मूलभूत तरीकों को बदलने पर केंद्रित होता है।

2. **प्रक्रिया और दृष्टिकोण:**
   - **समाज सुधार:** धीरे-धीरे और क्रमिक बदलाव करता है, जो मौजूदा व्यवस्था के भीतर सुधार करने की कोशिश करता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** तेजी से और गहरे स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश करता है, जिससे समाज की पूरी संरचना बदल सकती है।

3. **समय सीमा:**
   - **समाज सुधार:** आमतौर पर अल्पकालिक और तत्काल समस्याओं को हल करने पर ध्यान देता है।
   - **सामाजिक बदलाव:** लंबी अवधि के लिए होता है और भविष्य की दिशा में बड़े बदलाव लाने का प्रयास करता है।

### सरल शब्दों में निष्कर्ष:
- **समाज सुधार:** जैसे आप घर के किसी कमरे की मरम्मत करते हैं।
- **सामाजिक बदलाव:** जैसे आप घर को पूरी तरह से नया डिजाइन देते हैं।

दोनों ही आवश्यक हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण और प्रभाव का स्तर अलग-अलग होता है। समाज सुधार सामाजिक बदलाव की दिशा में पहला कदम हो सकता है, क्योंकि यह समाज में सुधारों की आवश्यकता को पहचानता है और उसे लागू करता है।

कच्छ Demolition 2026 Riport।

कच्छ 2026 डिमोलिशन रिपोर्ट । सोशल मीडिया से तथ्य, घटनाक्रम और ज़मीनी चर्चाओं का संकलन .... साथियों,  इस रिपोर्ट को तैयार करने का...