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Tuesday, 21 January 2020

वर्तमान समस्याओं को लेकर 2020 में क्या किया जाये मुस्लिम समाजकी तरक्की के लिये ? जिसके तीन विषय आपकी खिदमत में रखता हूं।

मुसलमानो के वर्तमान हालात को सुधार के लिये क्या करने की जरूरत है❓

Da.20/01/2020 TUE. 
✍️ Huzaifa Patel (Dedicated Worker)
      
आजका लेख  वर्तमान समयकी समस्याओं को सुल्जाने ओर इसपर बहोत फहराईसे सोचने और सुधार करने के लिये है,जैसाके हमारा विषय ऊपर बताया गया है, ऊसीको ध्यानमें रखते हुये हम वर्तमान समस्याओं की गम्भीरता पर चर्चा करनेसे ज्यादा उसका हल क्या है❓ इस पर हम बात करंगे।


जेसाके आप ओर हम देख रहे है,आजकल सोशियल मीडिया के माध्यमसे समाजके जाग्रुत  हालात के जानकार ओर  चिंतित युवा समाजके सोशियल,पोलटिकली,रिलिजियस से जुड़े लीडरों से बहोत ज्यादा अपना आक्रोश दिख रहे है, ओर साथमे दिन बदिन हमारी समस्या बढ़ती जा रही है,ऐसे में हमे क्या करने की सबसे कम दर्जे में जरूरी है❓ हमे तीन विषय पर खूब अभ्यास करने के बाद हमे लगता है,अगर हम लोग नीचे बताये गये तीनों विषयों पर प्लांनिग से मेहनत करते है,तो बहोत सी समस्याओं को सुल्जाने ओर सुधार लाने में हमें सफलता मिल सकती है।

नंबर 1- उलमाओं को समाजके सोशियल ओर पोलटिकली लीडरों के दबाव से मुक्त किया जाये.
जैसा के हमारे सोशियल कार्योमें हमे अभ्यास हुवा है, बहोत से उलमा समाजके सोशियल और पोलिटिकली लीडरों ओर समाजके धनवान नामचीन लोंगोंके दबाव में देखा जाता है, वो चाहकर भी समाज के लिये कूच नही कर सकते है,जिसकी वजाहसे आज उम्मतका  युवा तबका उलमाओं से सोशियल मीडियम खुलमखला (विध्रोह) विरोध करते नजर आते है.जिसकी एक वीडियो आपकी खिदमत में रखता हूं।
इस लिंक पर आप देख देख सकते है।

अगर हम उलमाओं की जमात में भरोसेमंद ओर ईमानदार उलमाओं को इस दबाव से मुक्त करते है, तो बहोत से कार्य आसान हो सकते है।

👉 इस विषयका इलाज क्या है?  वो बहोत बड़ा मनो-मंथन करना अलग विषय है, लेकिन इस पर हम हमारे शक्ति अनुसार हमेशा कार्य करते है.

नंबर 2 - समाजके युवाओ को बेहतर तरीके से समाजके वर्तमान हालातकी समस्याओं पर समाजके सोशियल,पोलटिकली, रिलिजियस लिडोरों से वार्तालाप (डिबेट)करने के लिये तैयार करना बहोत जरूरी है, जिनके पास समाजकी छोटी सी छोटी समस्याओं का अभ्यास के साथ अनुभव और टीमवर्क से मजबूत करना जो समाजके लीडरोंसे मजबूत दलील से सवालोंके साथ डिबेट करने का हुनरबाज बनाया जाये जो अपनी बात रखने में समजदारी ओर शयमता के साथ चेलेंज करने की शक्ति रखने और समस्याओं को सुल्जाने में सक्षम हो.


नंबर 3 - समाजके बुद्धिजीवियों, चिंतित लोग समाजके वर्तमान समयकी गम्भीरता को समजने के लिये ओर समजा ने के लिये खुलकर बहार आये, वैसे ये विषय बहोत अहम ओर जरूरी है, कुयुके येही वो लोग है जो ऊपर के दोनों विषयों पर बहोत अच्छे से अपनी जिम्मेदारियों को निभा सकते है, ओर ऊपर के दोनों विषयों की तमाम जिम्मेदारी समाजके बुद्धिजीवी, समझदार,फिकरमंद ओर निडर, संघर्ष करने वाले लोंगोंके जिम्मे है,येही लोग इस कार्यो को बखुबी अंजाम "दे" सकते है।

"इस विषय को इर गहराई से परहो ओर आपके आसपास समाजकी संस्थाओं,संगठनों के जिंदा लोंगोको जरूर शेर करे"

Monday, 20 January 2020

अहमदाबाद मेडिसिन को लेकर हेल्प मेसेज

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बाबरी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जज का चुकादा कल।

*5 जजों की संविधान पीठ कल सुनाएगी फैसला, 40 दिन की सुनवाई के बाद सुरक्षित रखा था*
  सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संविधान पीठ *शनिवार को अयोध्या विवाद पर फैसला* सुनाएगी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अदालत ने इसकी शेड्यूलिंग कर ली है। *सुबह 10.30 बजे* चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच फैसला सुना सकती है। बेंच ने 40 दिन तक हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
  इससे पहलेसुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। इस दौरान चीफ जस्टिस ने अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों को लेकर चर्चा की।
  अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है।
https://www.bhaskar.com/national/news/ayodhya-case-chief-justice-of-india-to-meet-uttar-pradesh-chief-secretary-dgp-updates-01681961.html?ref=ht

मूलनिवासी एकता मंच करजन दो.बाबा साहेब अंबेडकर की यादमें प्रोगाम।

मूलनिवासी एकता मंच-करजन दो.बाबा साहेब स्थम्ब ख़ातमूर्त पोग्राम.

#तारीख_19_जनवरी_2020  #mulnivasi_Akta_Manch_karjan 

आज रोज करजन तालुकाके गांव करँभा में मूलनिवासी एकता मंच की तरफसे दो.बाबा साहेब अंबेडकर की स्थम्ब खाटमूरत (ओपनिग) के प्रोग्राम में हमारी टीम को आमंत्रित किया गयाथा जिसमे में ओर हमारे साथी इम्तियाज पटेल उपस्थित रहेथे..

इस प्रोग्राममें दो.बाबा साहब के विचारों को लेकर मेरी बात रखने के लिये मुजे समय दिया गया जिसमें बहोत अच्छे से हमारी तिमके विचार रखे और आने वाले समयमे हम सब मिलकर समाज ओर मानव हितमें हमेशा कार्य करेंगे।

https://m.facebook.com/watchparty/632864054143092/

आजके इस प्रोग्राममें  हमे दावत देने के लिए ओर हमे स्टेजसे दमी विचार रखने के लिऐ समय देने को लेकर मूलनिवासी एकता मंच करजन की टीम का तहेदिल से सुक्रिया अदाकर्ता करते है।

ख़ातमूर्त करते हुजैफा पटेल

बीजेपी के मंत्री का विवादित बयान, लोकतंत्र और प्रजातंत्र के विरोधमे मानसिकता,तानाशाही से धमकी।

मंत्री के बिगड़े बोल, कहा- मोदी,योगी के खिलाफ नारे लगाने वालों को जिंदा दफना दूंगा
JAUNARY 20 /2020 AT 10:00PM


उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में अलीगढ़ में आयोजित रैली में विवादित बयान दिया है. अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी, योगी के खिलाफ नारे लगाने वालों को जिंदा दफना दूंगा.



उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में अलीगढ़ में आयोजित रैली में विवादित बयान दिया है. रविवार को अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड में भाषण देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी, योगी के खिलाफ नारे लगाने वालों को जिंदा दफना दूंगा.


असल में, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ चलाए जा रहे छात्रों के आंदोलन पर निशाना साधा. इस आंदोलन के दौरान पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारे लगाए थे. प्रदर्शन में पीएम और सीएम के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने पर राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने कहा कि मोदी योगी के खिलाफ नारे लगाने वालों को जिंदा दफना दूंगा.


उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रविवार को एक जनसभा को संबोधित करने के लिए अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड स्थित कोहिनूर मंच पर पहुंचे थे. उससे पहले दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रघुराज सिंह जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान रघुराज सिंह ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जो छात्र मोदी और योगी के खिलाफ नारे लगा रहे हैं उन्हें मैं जिंदा दफना दूंगा. इस दौरान उन्होंने गांधी परिवार पर भी जमकर जुबानी वार किया. राज्यमंत्री ने कहा, 'नेहरू की कोई जाति है? उनका खानदान ही नहीं था.'


रघुराज सिंह ने कहा कि यह देश हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई सभी का है. मगर इस तरीके से विवादित मोदी और योगी के खिलाफ नारे नहीं लगाने चाहिए. बता दें कि इस तरह का बयान देकर रघुराज सिंह पहले भी चर्चा में रह चुके हैं.

आरएसएस और बीजेपी देशकी आने वाली अपनी नीतियों को बनाने एक हो रहे है। होशियार हो जाये।

आज ही यूपी के ग्रह मन्त्रालय का बयान आया है कि हुकूमत (CAA) वापस नहीं लेगी, और दूसरी बात यह है कि  जोधपुर (राजस्थान) में पूरे हिन्दुस्तान से RSS, की खास, और बङी शख्सियात, इकट्ठा हो रही हैं, जिसमें, प्रधानमंत्री और, वजीर दाखिला,को बुलाया गया है, और उम्मीद की जा रही है कि इस खास मीटिंग में भारतके भविष्य का फैसला किया जाएगा, जिस की तय्यारी बहुत पहले से चल रही है.
और तीसरी अहम बात यह है कि तीनों सेनाओं का जिम्मेदार बिपिन राउत साहब को बना दिया गया है
इन अहम बातों की रोशनी में आप हुकूमत की नियत को खूब अच्छी तरह समझ सकते हैं, इस लिए अब आप सिर्फ   प्रोटेस्ट  (प्रदर्शन) तक सीमित मत रहिए, बल्कि प्रोटेस्ट के साथ साथ हमें आगे भी बहुत कुछ काम करना होगा, और आप यह बात खूब अच्छी तरह समझ लें कि :

 1 - हुकूमत ताकत के इस्तेमाल से इस कानून को लागू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है
2 - पूरे हिन्दुस्तान में जो पार्टियां इस काम में रुकावट बनेंगी उन को हिरासत में लिया जाएगा,सबसे पहले सेकूलर पार्टियों के नेताओं को और तमाम मुस्लिम व दलित लीडरों को गिरफ्तार किया जाएगा, जिस का तजुर्बा कश्मीर में किया जा चुका है
 3 - इस के लिए हुकूमत की तरफ से बहुत सारी बसें और गाङियां तैयार की जा रही हैं
 4 - पुलिस और आर एस एस के कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई जा रही हैं

ऐसे हालात में हिन्दुस्तान के लोगों को बहुत बड़ी तैयारी और हिकमते अमली के साथ मिल जुल कर काम करने की जरूरत है, अगर  पुलिस की टीम हमारे एक भी साथी को गिरफ्तार कर ले तो पूरी पब्लिक सामने आ जाए और उस को  हरगिज ले जाने न दें,
इस के लिए हमारी जान और हमारा माल भी काम आ जाए तब भी पीछे नहीं हटना चाहिए, इस के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं है, पूरे हिन्दुस्तान में अवाम को  मिल कर यह काम अन्जाम देना होगा, जितनी भी सेकूलर पार्टियां हैं, कांग्रेस, जनता दल, एम आई एम, वगैरह और तमाम मुस्लिम जमाअतें और तनजीमें,और जितनी मुस्लिम, दलित, ईसाई, सिख पार्टियां और उन की तनजीमें सब मिलकर इस काम को जल्द से जल्द अन्जाम दें, समय बहुत कम है 
हमें हिन्दुस्तान की बड़ी से बड़ी अदालत पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और न ही करना चाहिए, यह सब मोदी, अमित शाह, और योगी के हुक्म पर काम करती हैं, इन अदालतों से लोगों को नुकसान के सिवा कुछ नहीं मिलेगा, तमाम सियासी लीडरों और अवामी नुमाइंदों को जल्द से जल्द हंगामी मीटिंग तलब करनी चाहिए, हुकूमत अपनी ताकत के सहारे किसी भी समय कुछ भी कर सकती है, हिन्दुस्तान और उसके संविधान को बचाना है तो अवाम को आगे बढ़ कर काम करना होगा  और एक हिन्दुस्तानी होने के नाते अपना फर्ज अदा करना होगा 

मोहम्मद समीउल्लाह, मुम्बई

उलमाओं के खिलाफ बाद रहा है,मिल्लत के युवाओ का गुस्सा।

"बेच कर तलवारे खरीद लिए मुसल्ले हमने।
बेटियां लुटती रही और हम सजदे करते रहे।"

जब भी आलिम बयान देते है। मुसलमानो पर हो रहे ज़ुल्म के बारे में पूछो तो एक ही जवाब देते है। ये सब हमारे आमाल की सजा है।नमाज़ पढ़ो और रोज़े रखो। पर कभी ये नहीं बताते के इस ज़ुल्म के खिलाफ लड़ने के लिए इस्लाम ने क्या उपाय बताया है।
जब हम नमाज़ के बाद रोज़ी में बरकत की दुआ करते है तो क्या आसमान से नोटों की बारिश शुरू हो जाती है ? नहीं हमे दुआ के बाद दुकान, ऑफिस, नौकरी या कारखाने जाकर रोज़ी में बरकत के लिए मेहनत करनी पड़ती है।तब जाकर हमे रोज़ी मिलती है। इसी तरह ज़ुल्म के खात्मे के लिए
दोनों काम ज़रूरी है नमाज़, रोज़ा और ज़ालिम का मुकाबला अल्लाह के रसूल (स अ व) ने फरमाया "उंट को बांधो और अल्लाह पर तवक्कल करो।"
 उंट को खुला छोड़कर अल्लाह पर तवक्कल करने को नहीं कहा नमाज़ ज़रूर पढ़ेंगे लेकिन ज़ालिम के खिलाफ कोशिश भी जरूरी है। अगर मूसल्ले पर ही सारे मसले हल हो जाते तो अल्लाह के रसूल और सहाबा कभी मैदाने जंग में ना उतरते। अल्लाह ने कुरान में फरमाया है "जो कौम खुद की हालत ना बदलना चाहे अल्लाह भी उस कौम की हालत नहीं बदलता" 
हज़रत अली का एक कौल है 
"जो कौम ज़ुल्म के खिलाफ आवाज नहीं उठाती वो कौम सिर्फ लाशे उठाती है" हम मुसलमानो को ये आयात और कौल का मतलब अब अच्छे से समझ ने की जरूरत है।

कच्छ Demolition 2026 Riport।

कच्छ 2026 डिमोलिशन रिपोर्ट । सोशल मीडिया से तथ्य, घटनाक्रम और ज़मीनी चर्चाओं का संकलन .... साथियों,  इस रिपोर्ट को तैयार करने का...