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Saturday, 7 March 2020

दील्ली के दंगों मे कोन हे? पार्ट -१

उत्तरप्रदेश से दिल्ली गऐ 30 हजार रुपये प्रति दंगाई. 45 दंगाइयों में 15 लापता 3 की लाशें मिलीं उनके घरों में मातम,

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला बागपत की तहसील "खेकड़ा" के अंतर्गत आने वाले एक गांव "रटौल" के मरकज़ से जुड़े एक क़ारी साहब से कल मेरे एक दोस्त की मुलाकात हुई  "जिसमें उन्होंने कुछ बातें बताई.

उन्होंने बताया कि दस दिन पहले आसपास के गांव के 45 लड़के 'जो जाट गुर्जर समाज के थे, उन्हें स्थानीय भाजपा नेता तीस तीस हज़ार  प्रति व्यक्ति के हिसाब से दिल्ली ले गया था.

तीन दिन बाद तीस लड़के वापस आ गए, लेकिन 15 लड़कों का कुछ पता नहीं चल रहा था, उनके मां बाप ने नेता पर दबाव बनाया तो उसने कहा कि 'जैसे ये आ गए  'वैसे ही वो भी आ जाएंगे 'फिक्र मत करो.

अभी तीन दिन पहले उन पन्द्रह दंगाइयों में से तीन की लाश मिली है 'बाकी 12 का अभी कुछ पता नहीं चला.

उन्होंने आगे बताया कि 'सरकार ने मीडिया के साथ मिलकर सबकुछ दबा रखा है, लेकिन आप आकर देखो 'उन लोगों के घर मे मातम है और गांव में आमतौर से सबको सबकुछ मालूम है... यहां तक कि जिले के कुछ और गांवों से भी कुछ इसी तरह की खबरें मिल रही हैं, लेकिन उनसे सम्बंधित समुदाय फिलहाल इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.

बहुत मुमकिन है कि हलाक होने वालों के एवज उनके घरवालों से अंदरखाने कोई बड़ी डील हुई हो.

बात कितनी सच है... वल्लाहु आलम

लेकिन इससे ये तो अंदाज़ा हो रहा है कि सरकार समर्थित आतंकवादियों की हलाकत की तादाद छुपाई जा रही है, ताकि अपने नफरती अंधसमर्थकों को ये विश्वास दिलाया जा सके कि नुकसान "उन लोगों" का ज़्यादा हुआ है!!
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